21 वीं सदी :सूचना प्रोद्योगिकीऔर हिंदी का विश्वबोध विषय पर केंद्रित सत्र में हिंदी की अनुगूंज...

21 वीं सदी : सूचना प्रोद्योगिकीऔर हिंदी का विश्वबोध विषय पर केंद्रित सत्र में हिंदी की अनुगूंज 12 वें विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रपत्र वाचन के मीडिया सत्र का आयोजन हुआ।इसका केंद्रीय विषय था - सूचना प्रौद्योगिकी और 21 वीं सदी की हिंदी तथा मीडिया तथा हिंदी का विश्वबोध ।इस सत्र में भारत और विश्व के नाना देशों से आये हुए प्रतिभागियों ने बड़ी गर्मजोशी के साथ मीडिया और हिंदी के विषय को पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम मेधा से संबंधित करते हुए 40 से भी अधिक प्रपत्र प्रस्तुत किये।इस सत्र की अध्यक्षता भारत से सरकारी प्रतिनिधिमंडल में आयी दिल्ली विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर माला मिश्र ने की।पत्रकारिता और जनसंचार के संदर्भ में उन्होंने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत पुरातनकाल से ही ज्ञान परंपराओं का अग्रणी वाहक रहा है।इन ज्ञान परंपराओं के प्रथम संचारक नारद मुनि को विश्व का प्रथम संचारक कहना ही समीचीन होगा। ऐसी सशक्त पुरातन ज्ञान परंपरा की उर्वरता के साथ कृत्रिम मेधा के उपयोग ने अनेक सर्जनात्मक पहलू विकसित किये ...