अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह...
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह
केंद्रीय हिंदी
संस्थान आगरा, राजेंद्र अकादमी, दिल्ली और साहित्यिक
सांस्कृतिक शोध संस्थान, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में
राजेन्द्र भवन सभागार में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी तथा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन
हुआ ।इसका मुख्य विषय था- ‘श्री राम कथा के संदर्भ में वैश्विक
व भारतीय भाषा का लालित्य और संस्कृति का पोषण।’ कार्यक्रम
के उद्घाटन केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने किया। इस कार्यक्रम की
अध्यक्षता इंदिरा गांधी जनजातीय विश्वविद्यालय के लुप्त प्रायः विभाग के निदेशक
प्रो. दिलीप सिंह ने की। केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से
प्रो उमापति दीक्षित ने प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. प्रदीप
सिंह थे, कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशा रानी ओझा ने किया। ललित
कुमार ठाकुर की कला मंडली ने भगवान श्री राम के महत्वपूर्ण जीवन प्रसंगों को
विभिन्न भावपूर्ण दृश्यों के द्वारा साक्षात जीवंत किया।श्री राम के धीर, गम्भीर और मर्यादा पुरुषोत्तम पूर्ण व्यक्तित्व पर विभिन्न विद्वानों के
द्वारा विचारोतेजक चर्चा परिचर्चा हुई। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में
आमंत्रित दिल्ली विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर माला मिश्र ने सभागार को
सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री राम भारतीय संस्कृति के आदर्श चरित्र एवं मर्यादा
के अन्यतम प्रस्थान बिंदु हैं। उनके चरित्र के लालित्य भारतीय संस्कृति का लालित्य
है। वर्तमान अराजक समाज को श्री राम के आदर्श ही संतुलित, सुंदर
एवं सर्वसमावेशी और सुललित बना सकते हैं।
इस कार्यक्रम में
प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा और राजेंद्र अकादमी के माननीय अध्यक्ष अनिल कुमार
मिश्र की गरिमामयी उपस्थिति भी थी। इस राम तत्व से धन्य मंच पर तीन दशकों से हिंदी
के क्षेत्र में सक्रिय लेखन, शिक्षण, पत्रकारिता,
अनुसन्धान करने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर माला
मिश्र को उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘विश्व हिंदी सेवी सम्मान’
से गण मान्य विभूतियों के द्वारा विभूषित किया गया।उनके हिंदी विषयक
योगदान, उनकी रचनाओं, कार्यों
और उपलब्धियों की आयोजन समिति की ओर से भूरि-भूरि
प्रशंसा की गई। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के कॉलेज आई आई एम टी के पत्रकारिता
विभाग के अध्यक्ष युवा एवं ओजस्वी वक्ता विद्वान डॉ राकेश कुमार दुबे के भी लगभग 2
दशकों की हिंदी भाषा एवं पत्रकारिता सम्बन्धी सक्रियता एवं रचनात्मकता
के आधार पर उन्हें भी ‘विश्व हिंदी सेवी सम्मान’ से अलंकृत किया गया। उन्होंने इस अवसर पर कहा- श्री राम हमारी चेतना के
आह्लादक हैं। राम राज्य की स्थापना केवल राम के जैसे आदर्श कर्मों से ही हो सकती
हैं। श्री राम के जय घोष के साथ सभा में अदम्य ऊर्जा का संचार करके इस कार्यक्रम
के सुंदर समापन हूआ। दर्शकों ने करतल ध्वनि से उनका भव्य स्वागत किया।
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