भारतीय मूल के प्रवासियों ने हिंदी की जड़ों को सींचा.....
भारतीय मूल के प्रवासियों ने हिंदी की जड़ों को सींचा -डॉ. राकेश कुमार दुबे (विभागाध्यक्ष , जे एम सी , आई आई एम टी , चौ च सिंह वि) विश्व हिंदी दिवस ( 10 जनवरी) के अवसर पर अध्ययन एवं अनुसंधान पीठ द्वारा आज़ादी का अमृतमहोत्सव को समर्पित अंतरराष्ट्रीय तरंग गोष्ठी " हिंदी का वैश्विक विस्तार और मूलभूत चुनौतियाँ" का आयोजन वरिष्ठ प्रोफेसर माला मिश्र , दिल्ली विश्वविद्यालय के संयोजन में आयोजित किया गया। संगोष्ठी में प्रमुख वक्ता थे- सीनियर रेडियो ब्रॉडकास्टर , भाषा एवं संस्कृति सेवी व लेखक पार्थसारथि थपलियाल , डॉ. राकेश दुबे , अध्यक्ष जनसंचार विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय , डॉ. शैलेन्द्र कुमार संयुक्त सचिव वित्त मंत्रालय , डॉ.विकास दवे , अध्यक्ष-साहित्य अकादमी , मध्यप्रदेश , अध्यक्षता कर रहे थे श्री यन्तुदेव बुधु , अध्यक्ष-हिंदी प्रचारिणी सभा , मॉरीशस संयोजिका प्रोफेसर माला मिश्र ने विश्व हिंदी दिवस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 10 जनवरी 1975 को पहली बार विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन हिंदी प्रचारिणी सभा वर्धा की पहल पर नागपुर में आयोजित किया गया था। सन 2006 में 10 ...