संदेश

जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का विराट एवं बृहत्तम आयोजन...

चित्र
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का विराट एवं बृहत्तम आयोजन 22 जून 2020 से 24 जून 2020 तक (दिल्ली विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ . माला मिश्र के संयोजकत्व में मॉरिशस की हिंदी प्रचारिणी सभा तथा भारत के भगत सिंह फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में)   " कोरोना के इस वैश्विक संकट के दौर में ऐसे भव्य और विराट अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक महायज्ञ का सफल आयोजन करने की क्षमता डॉ . माला मिश्र ( दिल्ली विश्वविद्यालय ) में ही है " : केशरीनाथ त्रिपाठी , पूर्वराज्यपाल               दिल्ली विश्वविद्यालय की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ . माला मिश्र के संयोजकत्व में मॉरिशस की हिंदी प्रचारिणी सभा तथा भारत के भगत सिंह फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का विराट एवं बृहत्तम आयोजन 22 जून 2020 से 24 जून 2020 तक सुबह 1 0 बजे से सायं 6 बजे तक किया गया। " कोविड-19 के दौर में शैक्षिक संस्थानों में ऑनलाइन शिक्षण , प्रशिक्षण एवं प्रशासन " विषयक इस अंतरराष्ट्रीय वेबसंगोष्ठी की मुख्य समन्वयक एवं सं...

सलिल सरोज की कलम से....

चित्र
सलिल सरोज कार्यकारी अधिकारी लोक सभा सचिवालय संसद भवन  , नई दिल्ली   विरह आग तन में लगी , जरन लगे सब गात , नारी छूवत वैद्य के , परे फफोला हाथ॥ मीरा कहती हैं- ‘ दरद की मारी बन-बन डोलूं , वैद मिला नहिं कोय। ’ जगह-जगह जाती हूं। जहां भी जाती हूं , वहीं गोविन्द की याद हो आती है। फूल खिलता है तो गोविंद की विरह की आग पैदा हो जाती है। चांद उगता है तो गोविंद की याद पैदा हो जाती है। जहां जाती हूं , वहीं उसकी याद पैदा हो जाती है , वहीं उसकी विरह वेदना जग जाती है। एक विरह लेकर जी रही हूं। एक ऐसा ज़ख्म है मेरे हृदय में। जो इसका इलाज जानता हो वो वैद्य कौन है ? मीरा कहती हैं- ‘ मीरा के प्रभु पीर मिटेगी जब वैद सांवलिया होय। ’ अर्थात , ये पीड़ा ऐसे मिटने वाली नहीं है। जब गोविंद खुद गुरु बनकर आएंगे , तब ये विरह वेदना मिटेगी। मेघदूतम् महाकवि कालिदास द्वारा रचित विख्यात दूतकाव्य है। इसमें एक यक्ष की कथा है जिसे कुबेर अलकापुरी से निष्कासित कर देता है। निष्कासित यक्ष रामगिरि पर्वत पर निवास करता है। वर्षा ऋतु में उसे अपनी प्रेमिका की याद सताने लगती है। कामार्त यक्ष सोच...

आभ्यंतर पत्रिका GENERAL IMPACT FACTOR- 2.0032 के साथ प्रकाशित किया जाएगा

चित्र

आभ्यंतर अंक 15

चित्र